राजगीर, बिहार स्थित नालंदा विश्वविद्यालय के दूसरे दीक्षांत समारोह में द्रौपदी मुर्मू शामिल हुईं। इस कार्यक्रम में सैयद अत्ता हसनैन और एस. जयशंकर समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। समारोह के दौरान विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं और शिक्षा के क्षेत्र में नई उपलब्धियों पर चर्चा हुई। अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि नालंदा में ज्ञान को कभी अलग-थलग नहीं देखा गया, बल्कि इसे समाज और मानवता के कल्याण से

जोड़ा गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के जटिल वैश्विक दौर में स्वतंत्र और आलोचनात्मक सोच की जरूरत है, जो करुणा से जुड़ी हो। यह आयोजन नालंदा की प्राचीन शैक्षणिक विरासत और आधुनिक शिक्षा के संगम का प्रतीक बनकर उभरा।

