हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद ने विष्णुगढ़ की 12 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई जघन्य घटना और निर्मम हत्या पर गहरा दुःख एवं आक्रोश व्यक्त करते हुए आज मशाल जुलूस और कैंडल मार्च का नेतृत्व किया। इस आक्रोश रैली के दौरान उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल मानवता को शर्मसार करने वाली है, बल्कि राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न भी खड़ा करती है। विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि घटना को कई दिन बीत जाने के बावजूद दोषियों की गिरफ्तारी न होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। उन्होंने प्रशासन से पूछा कि आखिर कब तक अपराधी खुलेआम घूमते रहेंगे और कब तक बेटियां असुरक्षित रहेंगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस प्रकार की घटनाएं समाज के लिए असहनीय हैं और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। विधायक ने राज्य सरकार से मांग की है कि • दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, • मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए, • अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी घिनौनी हरकत करने की हिम्मत न कर सके। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी सहायता और सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए।

यह समय संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का है, न कि उदासीनता का। इसी क्रम में विधायक प्रदीप प्रसाद ने घोषणा की है कि इस जघन्य अपराध के विरोध में और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग को लेकर कल हजारीबाग बंद का आह्वान किया गया है। उन्होंने जिले के सभी नागरिकों, सामाजिक संगठनों, व्यापारी वर्ग और युवाओं से अपील की है कि वे न्याय की इस लड़ाई में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें और बंद को सफल बनाएं। विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा — “जब बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, तब समाज का मौन रहना भी अपराध है। न्याय की इस लड़ाई में हर जागरूक नागरिक को आगे आना होगा।” कैंडल मार्च में मुख्य रूप से प्रदेश कार्य समिति सदस्य हरीश श्रीवास्तव, कोडरमा सांसद प्रतिनिधि भुवनेश्वर पटेल, मनोज श्रीवास्तव, भाजपा नेता आशीष बॉर्डर, मंडल अध्यक्ष शिवपाल यादव, बलराम शर्मा, डूमर महतो व गणमान्य लोग सहित हजारों संख्या में लोग उपस्थित रहें।

