अस्त्र-शस्त्र प्रतियोगिता का भव्य आयोजन, परंपरा और जोश का अद्भुत संगम हजारीबाग: विश्वविख्यात रामनवमी महोत्सव के अंतर्गत हजारीबाग रामनवमी महासमिति द्वारा बड़ा अखाड़ा में पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न अखाड़ों के कलाकारों और रामभक्तों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे पूरा माहौल उत्साह और भक्ति से सराबोर हो उठा। कार्यक्रम की शुरुआत महासमिति के पूर्व अध्यक्षों के माला एवं अंगवस्त्र से सम्मान के साथ की गई।

इसके बाद विधिवत फीता काटकर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर महासमिति के पूर्व अध्यक्ष सुनील केशरी ने सबसे पहले पारंपरिक लाठी खेल का प्रदर्शन कर प्रतियोगिता की शुरुआत की, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। प्रतियोगिता में विभिन्न अखाड़ों के प्रतिभागियों ने लाठी, तलवार एवं अन्य पारंपरिक अस्त्र-शस्त्रों के कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। कलाकारों की फुर्ती, संतुलन और तकनीक ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में रामभक्त मौजूद रहे, जिनके जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा। इस अवसर पर रामनवमी महासमिति के अध्यक्ष करण यादव उर्फ लड्डू यादव ने कहा कि हजारीबाग की रामनवमी की पहचान केवल शोभायात्रा ही नहीं, बल्कि अस्त्र-शस्त्र की पारंपरिक कला और भक्तों का जोश भी है, जो इसे देश-विदेश में अलग पहचान दिलाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम का सफल संचालन महासमिति के सदस्यों के सहयोग से किया गया। अंत में सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया और आयोजन की सफलता के लिए सभी का आभार व्यक्त किया गया। हजारीबाग की रामनवमी में इस तरह के आयोजन न केवल परंपरा को जीवित रखते हैं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूत करते हैं।

