सदर अस्पताल में विश्व यक्ष्मा दिवस के मौके पर उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त, सिविल सर्जन, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी एवं जिला भीवीडी पदाधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। उपायुक्त ने कहा कि अधिक से अधिक निक्षय मित्रों की सहभागिता से भारत को टीबी मुक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने इस वर्ष की थीम YES! WE CAN END TB को सार्थक बताते हुए सभी से सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। उपायुक्त ने कहा कि देश भी जीतेगा और हम भी जीतेंगे, लेकिन सबसे पहले खुद को जीतना होगा। उन्होंने लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि टीबी से डरने की नहीं, बल्कि समय पर पहचान एवं नियमित इलाज से इसे पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार बुखार, खांसी,

बलगम या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत जांच करानी चाहिए। उपायुक्त ने निक्षय मित्र पहल की सराहना करते हुए कहा कि मरीजों को गोद लेने से उन्हें मानसिक एवं पोषण संबंधी सहयोग मिलता है। उन्होंने अधिकारियों, कर्मियों एवं आम नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा टीबी मरीजों को उपचार अवधि के दौरान प्रति माह ₹500 की पोषण सहायता प्रदान की जाती है। सिविल सर्जन डॉ सुरेन्द्र कुमार मिश्रा ने कहा कि टीबी पूर्णतः इलाज योग्य बीमारी है। समय पर जांच एवं नियमित दवा सेवन से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी रहने पर तुरंत टीबी की जांच करानी चाहिए, जो सभी सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क उपलब्ध है। उपायुक्त एवं सिविल सर्जन द्वारा 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह रथ पूरे जिले में भ्रमण कर टीबी के लक्षण, जांच एवं उपचार के प्रति आमजन को जागरूक करेगा तथा लोगों को यह संदेश देगा कि समय पर इलाज से टीबी को पूरी तरह हराया जा सकता है।

