भारत के कमोडिटी बाजार में भारी गिरावट के बाद इस सप्ताह सोना और चांदी की कीमतों में हल्की रिकवरी और स्थिरता देखने को मिल सकती है। हालांकि, मजबूत अमेरिकी डॉलर और ऊंची ब्याज दरों के चलते तेजी सीमित रहने की संभावना है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक आर्थिक संकेतक—जैसे अमेरिका, ब्रिटेन और जापान के PMI डेटा, कंज्यूमर सेंटिमेंट और जॉबलेस क्लेम्स—बाजार की दिशा तय करेंगे। वहीं कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का भी असर पड़ेगा। हाल ही में MCX पर सोना करीब 9% और चांदी 12% से ज्यादा गिर चुकी है। आने वाले समय में शादी के सीजन और अक्षय तृतीया जैसे त्योहारों से मांग बढ़ने की उम्मीद है, जिससे कीमतों को सहारा मिल सकता है।

