एनटीपीसी के चट्टी बरियातू कोल माइंस विस्तार के दौरान पूर्व मंत्री का मकान प्रशाशन द्वारा ध्वस्त किए जाने के उपरांत एनटीपीसी सीबी प्रबंधन और एमडीओ ऋत्विक प्रबंधन पर पूर्व मंत्री द्वारा उठाए गए सवालों पर ऋत्विक कंपनी के जीएम सतीश रेड्डी ने ऑडियो कॉल के माध्यम से मीडिया में अपना पक्ष रखा है। ऑडियो कॉल के माध्यम से कहा है कि मुआवजा भुगतान को लेकर तीन बार कंपनी के द्वारा नोटिस दिया गया है तीनों बार नोटिस मिलने के बाद भी पैसा मुआवजा लेने के लिए सामने नहीं आया। तो मुआवजा नहीं मिलने का आरोप है वह बिल्कुल गलत है। रनिंग फैक्ट्री को ध्वस्त नहीं किया गया है ये फैक्ट्री कभी भी चालू नहीं हुआ। पूर्व

मंत्री के द्वारा 2013 में फैक्ट्री खड़ी की गई है जबकि चट्टी बरियातू क्षेत्र में 2010 से ही सीबी एक्ट लागू है। सीबी एक्ट लागू होने की जानकारी के बावजूद भी और मंत्री होने के बावजूद भी पूर्व मंत्री द्वारा संरचना का निर्माण किया गया। मुआवजा भुगतान कम होने की बात पर सतीश रेड्डी ने कहा कि झारखंड सरकार द्वारा निर्धारित दर से मुआवजा निर्धारित किया गया है मुआवजा निर्धारण को लेकर संबंधित विभाग के लोग उन से दो बार मुलाकात भी किए है और अच्छा मुआवजा दर से मुआवजा निर्धारित किया गया है। तो उनका आरोप निराधार है। मकान ध्वस्त करने का काम पूरी तरह से प्रशाशन के द्वारा किया गया है। ये काम न एनटीपीसी के द्वारा किया गया और ना ही ऋत्विक कंपनी के द्वारा मकान ध्वस्त करने का काम पूरी तरह से प्रशासनिक स्तर पर हुई है।

