अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति एवं जिला स्तरीय साख समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025–26 की वार्षिक ऋण योजना, तृतीय तिमाही की प्रगति, ऋण-जमा अनुपात सहित विभिन्न बैंकिंग योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड, पीएमईजीपी, पीएमएफएमई, मत्स्य, डेयरी, स्वयं सहायता समूह वित्तपोषण, पीएम स्वनिधि, आरसेटी, एनपीए खातों की स्थिति तथा सीएफएल/ एफएलसी द्वारा आयोजित वित्तीय साक्षरता शिविरों की प्रगति की समीक्षा की गई।

साथ ही नीति आयोग के अंतर्गत संचालित पीएमजेडीवाई,पीएमएसबीवाई, पीएमजेजेबीवाई, पीएमएमबीवाई एवं एपीवाई योजनाओं की अद्यतन स्थिति पर भी चर्चा की गई।बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए जिले को कुल 1596 करोड़ रुपये का ऋण लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध तृतीय तिमाही में 782.90 करोड़ रुपये की उपलब्धि प्राप्त हुई है। वहीं जिले का सीडी रेशियो 62.76 प्रतिशत दर्ज किया गया। जो की राज्य में तीसरे स्थान पर है।अपर समाहर्ता ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में बैंकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी बैंक प्रबंधकों को निर्देश दिया कि प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर लंबित आवेदनों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी पात्र लाभुक योजनाओं से वंचित न रह जाए।

