सूरत में बीते कुछ दिनों से मजदूरों का अचानक पलायन तेज हो गया है। महंगे कमर्शियल गैस सिलेंडर, बढ़ती महंगाई और समय पर मजदूरी न मिलने से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि कमाई से ज्यादा खर्च होने के कारण गुजारा मुश्किल हो गया है। स्थिति यह है कि उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली ट्रेनों और बसों में मजदूरों की भीड़ उमड़ रही है।

कई परिवारों को भूखे पेट दिन काटने पड़ रहे हैं और वे केवल साधारण भोजन से गुजारा कर रहे हैं। मजदूरों के इस पलायन का असर अब उद्योगों पर भी दिखने लगा है। फैक्ट्रियों में काम ठप पड़ रहा है और ताले लगने की नौबत आ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे, तो सूरत का कपड़ा उद्योग, जो देश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाता है, गंभीर संकट में आ सकता है।

