सूरत में मजदूरों के बढ़ते पलायन को रोकने के लिए प्रशासन और स्थानीय संस्थाओं ने नई पहल शुरू की है। औद्योगिक क्षेत्रों में ‘कम्युनिटी किचन’ और ‘भोजन पार्सल सेवा’ के जरिए कारीगरों को मात्र 40 रुपये में भरपेट और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य महंगाई और गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों से जूझ रहे मजदूरों को राहत देना है। पहले जहां रोज करीब 1000 भोजन पार्सल बांटे जाते थे, अब यह

संख्या बढ़कर 5000 से अधिक हो गई है। सूरत के कपड़ा उद्योग में काम करने वाले अधिकांश कारीगर उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान से आते हैं। कम आय और महंगे सिलेंडर के कारण उनके लिए खाना बनाना मुश्किल हो गया था। ऐसे में यह पहल मजदूरों के लिए बड़ी राहत और सहारा बनकर उभरी है।

