Hazaribagh में स्वामी विवेकानंद सभागार में “झारखंड के संदर्भ में लैंगिक हिस्सेदारी” विषय पर व्याख्यान आयोजित हुआ। मुख्य वक्ता प्रो. नवल किशोर अम्बास्ट ने कहा कि जनजातीय समाजों में महिलाओं की भागीदारी मजबूत है, लेकिन कहीं न कहीं पुरुष प्रधानता अब भी मौजूद है। उन्होंने बताया कि महिलाओं का आर्थिक योगदान 60–70% तक है, फिर भी उन्हें पूरा श्रेय नहीं मिलता। साथ ही मेघालय जैसे उदाहरण देते हुए

उन्होंने अलग-अलग परंपराओं को समझने पर जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. नवल किशोर अम्बास्ट ने ‘इक्विटी’ की अवधारणा समझाते हुए कहा कि सबसे कमजोर वर्ग को पहले अवसर देना ही सच्ची बराबरी है। कार्यक्रम में शिक्षक, शोधार्थी और छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

