हजारीबाग स्थित, फ्लोरिस्ट रेस्ट हाउस में ,बंगाली समाज के भाजपा सदस्यों का सम्मेलन भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। सम्मेलन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमती भारती घोष उपस्थित हुई ।कार्यक्रम का संचालन प्रदेश कार्य समिति सदस्य हरिश श्रीवास्तव एवं धन्यवाद ज्ञापन काजल मुखर्जी के द्वारा किया गया ।कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों को पुष्प गुच्छ एवं अंग वस्त्र भेंट कर की गई ।जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह जी द्वारा विषय प्रवेश करते हुए सम्मेलन में जिन बिंदुओं पर चर्चा की जानी थी, उन पर विस्तार से प्रकाश डालने का काम किया गया। सम्मेलन में उपस्थित बंगाली समाज के सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा समाज के उत्थान हेतु अपना-अपना सुझाव दिए । अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्रीमती भारती घोष द्वारा कहा गया कि, एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत ही भारत देश में बंगाली समाज का समुचित विकास ,देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में ही हो सकता है। बंगाली समाज का एकत्र होकर भाजपा के पक्ष में अपने समाज का समर्थन देना होगा ।पश्चिम बंगाल में एक नारी का संवैधानिक

पद पर रहते हुए नारी का सम्मान नहीं हो पा रहा है। देश के सर्वोच्च पद पर आसीन जनजाति समाज से आने वाली भारत की प्रथम महिला का अपमान किया जाता है और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन चुप बैठे हैं ।पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी संकुचित विचार रखते हुए छोटे मन का परिचय दे रही है ।। देश में डीजल पेट्रोल एवं गैस की कमी पर श्रीमती घोष द्वारा कहा गया कि विपक्षी दलों द्वारा मनगढ़ंत लगाया गया आरोप है।कहीं भी किसी पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी या स्टॉक स्थान पर जाकर देखा जाए कोई कमी नहीं है। एस आई आर इससे पहले भी पंडित नेहरू जी एवं इंदिरा गांधी के समय में भी हो चुका है। तब किसी ने विरोध नहीं किया आज पश्चिम बंगाल के साथ-साथ बिहार ,असम का डेमोग्राफी, डेमोक्रेसी एवं डेस्टिनी बदल रही है। और इसका सुधार तभी हो सकता है जब इन राज्यों में डबल इंजन की सरकार होगी ।कार्यक्रम में मुख्य रूप से सुकलयान मोईतरा, आशीष चटर्जी, देवाशीष सिंहा ,तापस राय ,दीपक घोष, वर्षा दे, सरिता मोईतरा, गांगुली मलिक सुनील मेहता, जय नारायण प्रसाद, रेणुका साहू, रामजी कुशवाहा आदि सैकड़ो व्यक्ति उपस्थित थे। उक्त आशय की जानकारी भाजपा जिला मंत्री सह जिला मीडिया प्रभारी जय नारायण प्रसाद द्वारा दी गई।

