10 वर्षों से JTET परीक्षा नहीं होने के विरोध में अभ्यर्थियों ने फूंका राज्य सरकार का पुतला, उदासीनता का लगाया आरोप। झारखंड के लाखों शिक्षित बेरोजगार युवाओं का धैर्य अब टूट रहा है। पिछले 10 वर्षों से झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) का आयोजन नहीं होने के विरोध में आज अभ्यर्थियों ने हजारीबाग जिला में सरकार के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया और जिला परिषद चौराहे पर सरकार का पुतला दहन किया। झारखंड प्रशिक्षित शिक्षक संघ के सदस्य जीवन कुमार ने कहा कि झारखंड के 25 साल के इतिहास में यह परीक्षा केवल दो बार, 2013 और 2016, आयोजित की गई है। 2016 के बाद से कोई भी JTET परीक्षा नहीं हुई है।2024 में फॉर्म भरवाने के बाद नियमावली को रद्द कर दिया गया था,जिसमें 3.5 लाख छात्रों ने आवेदन किया था। रविंद्र कुमार पासवान ने कहा कि झारखंड हाईकोर्ट ने इस स्थिति पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे “गंभीर

लापरवाही” करार दिया है । अदालत ने सरकार को निर्देश दिया था कि 31 मार्च 2026 तक हर हाल में JTET का आयोजन सुनिश्चित किया जाए।लेकिन अब तक इस पर सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया,सरकार कोर्ट के आदेश के प्रति भी उदासीन है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द ही परीक्षा की तिथि घोषित नहीं करती है, तो यह आंदोलन केवल पुतला दहन तक सीमित नहीं रहेगा, विधानसभा सत्र के दौरान राज्य स्तरीय आंदोलन होगा। आज के कार्यक्रम में जीवन कुमार,रविंद्र कुमार, राधे मेहता,विक्रम कुमार,मिथिलेश कुमार,देव कुमार,तथा दर्जनों छात्र उपस्थित थे।

