आज दिनांक 10.3.2026 को पूर्वाह्न 11.00 बजे अन्नदा कॉलेज, हजारीबाग के प्रथम तल पर स्थित सभागार में महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा एक प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। यह कांफ्रेंस महाविद्यालय द्वारा दिनांक 12.3.2026 एवं दिनांक 13.3.2026 को आयोजित होने वाले दो दिवसीय इंटरनेशनल सेमिनार के संबंध में किया गया। इसमें विभिन्न अखबारों से संबद्ध पत्रकारों ने भाग लिया और प्राचार्य के द्वारा दी गई जानकारियों से संबंधित प्रश्न भी पूछे। महाविद्यालय के प्राचार्य सह आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. नीलमणि मुखर्जी ने प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि सेमिनार के मुख्य पैट्रन विनोबा भावे विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. चंद्रभूषण शर्मा, पैट्रन मानव संसाधन विभाग, झारखंड सरकार के प्रमुख सचिव एवं निदेशक तथा अन्नदा कॉलेज, हजारीबाग की प्रबंध समिति के सचिव डॉ. सजल मुखर्जी हैं। प्राचार्य डॉ मुखर्जी ने बतलाया कि यह इंटरनेशनल सेमिनार पर्यावरण संबंधी वैश्विक विमर्श पर आधारित है और इसका मुख्य टॉपिक “Environmental Risks, Vulnerabilities, and Adaptation Strategies” है। मुख्य विषय को कुल आठ उप शीर्षकों में विभाजित किया है जिनमें कला, विज्ञान, वाणिज्य सहित ज्ञान के परंपरागत एवं नवीन क्षेत्रों से संबंधित विमर्श शामिल हैं। इसमें देश एवं विदेश से लगभग ढाई सौ से ज्यादा प्रोफेसर, शोधार्थी एवं छात्र प्रतिभागी

के रूप में भाग ले रहे हैं और उन्होंने विहित शुल्क देकर अपना पंजीयन कराया है, साथ ही इस अवसर पर जारी होनेवाली स्मारिका में अपने शोधपत्र के सार प्रकाशन हेतु भेजे हैं। सेमिनार का आयोजन झारखंड सरकार के मानव संसाधन विभाग, एनटीपीसी एवं डीवीसी के सहयोग से किया जा रहा है। इसमें रिसोर्स पर्सन के रूप में श्रीलंका, स्वीडन और भूटान से विभिन्न विषयों के चार विदेशी मेहमानों ने भाग लेने की स्वीकृति दी है। इनके अलावे दिल्ली, आसाम, बंगाल, उत्तर प्रदेश, झारखंड आदि के विभिन्न विश्वविद्यालयों से प्रोफेसर, पत्रकार एवं पर्यावरणविद, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यावरण के लिए काम करने वाली भारतीय जलवायु संसद के मुख्य नीति सलाहकार के तौर पर डॉ. संजय कुमार, एनटीपीसी, डीवीसी के प्रतिनिधियों के साथ ही डिविजनल फॉरेस्ट अधिकारियों की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है। उद्घाटन सत्र 12.3.2026 को पूर्वाह्न 10.30 बजे टाऊन हॉल में संपन्न होगा । उसके बाद लंच की व्यवस्था है और लंच के बाद महाविद्यालय के दो सेमिनार हॉल में समानांतर तकनीकी सत्र चलाए जाएंगे | तकनीकी सत्रों के बाद संध्या छह बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा | दिनांक 13.3.2026 को लंच के पूर्व एवं पश्चात दो – दो समानांतर तकनीकी सत्र चलाए जाएंगे और उसके बाद समापन सत्र होगा । इसी के साथ कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा कर दी जाएगी।

