मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर अब दक्षिण एशिया तक पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने ईंधन की खपत कम करने और ऊर्जा संकट से निपटने के लिए कई सख्त फैसले किए हैं। 1. इसके तहत पाकिस्तान में स्कूल दो हफ्ते के लिए बंद रहेंगे l 2. कॉलेज और यूनिवर्सिटी में पढ़ाई ऑनलाइन कर दी जाएगी। 3. सरकारी दफ्तर अब सप्ताह में केवल चार दिन ही खुलेंगे 4.सरकारी विभागों के 50% कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। 5. साथ ही अगले दो महीनों तक

सरकारी विभागों को मिलने वाले फ्यूल में 50% कटौती की जाएगी। सरकार का मानना है कि इन कदमों से ट्रांसपोर्ट और सरकारी वाहनों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन की खपत कम होगी और ऊर्जा संकट से निपटने में मदद मिलेगी।

