चंडीगढ़ में एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक तंत्र को हिला कर रख दिया है। प्रारंभिक जांच में चंडीगढ़ नगर निगम और CREST Chandigarh से जुड़े खातों में सैकड़ों करोड़ रुपये के हेरफेर की आशंका जताई गई है। जांच के दौरान नगर निगम के नाम पर करीब 108 करोड़ रुपये की 11 फिक्स्ड डिपॉजिट संदिग्ध पाई गईं। इन एफडी के दस्तावेजों का मिलान जब IDFC First Bank के आधिकारिक रिकॉर्ड से किया गया तो कई दस्तावेज बैंक सिस्टम में दर्ज ही नहीं मिले। इसके बाद यह शक गहरा गया कि ये एफडी फर्जी तरीके से तैयार की गई हो सकती हैं।

सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच में लगभग 98 करोड़ रुपये के हेरफेर की बात सामने आई थी, लेकिन अब यह राशि बढ़कर करीब 116 करोड़ रुपये से ज्यादा होने की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि यह मामला स्मार्ट सिटी मिशन से जुड़े फंड से भी जुड़ा हो सकता है, जो पहले बैंक खातों में जमा थे और बाद में नगर निगम को ट्रांसफर किए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां बैंक रिकॉर्ड, निवेश दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच कर रही हैं। साथ ही बैंक और नगर निगम के कर्मचारियों की संभावित भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

