उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के मुसाफिरखाना क्षेत्र के भनौली गांव में ईरान के सुप्रीम लीडर अली ख़ामेनेई की मौत की खबर के बाद शिया समुदाय में भारी आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया। गांव के आधा दर्जन से अधिक लोग, जिनमें पीएचडी छात्र और शोधकर्ता

शामिल हैं, इस समय ईरान में फंसे हुए बताए जा रहे हैं। परिजनों के अनुसार बीते कल से इन छात्रों का अपने परिवारों से संपर्क पूरी तरह टूट गया है, जिससे पूरे गांव में चिंता और बेचैनी का माहौल है। परिवारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। ग्रामीणों की मांग है कि केंद्र सरकार उनके बच्चों की सुरक्षित स्वदेश वापसी के लिए जरूरी कदम उठाए।

