श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में 750 वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार सप्तऋषि आरती के साथ होली पर्व का शुभारंभ हुआ। “रंगभरी एकादशी” के पावन अवसर पर बाबा विश्वनाथ को अबीर-गुलाल अर्पित किया गया।

मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव माता पार्वती के साथ काशी लौटते हैं और इसके साथ ही होली उत्सव की औपचारिक शुरुआत होती है। मंदिर परिसर में भक्तों ने भक्ति और रंगों के संग उत्साहपूर्वक पर्व मनाया।

