– IDFC First Bank ने चंडीगढ़ स्थित अपनी शाखा में हरियाणा सरकार के खातों से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले पर स्पष्टीकरण जारी किया है। बैंक की शुरुआती जांच में पाया गया कि कुछ कर्मचारियों ने जाली दस्तावेजों और भुगतान निर्देशों को क्लियर करने में कथित अनियमितता की, जिसमें बाहरी लोगों की संभावित मिलीभगत भी शामिल हो सकती है। बैंक ने बताया कि जांच जारी रहने के बावजूद हरियाणा सरकार के संबंधित विभागों द्वारा दावा की गई मूलधन और ब्याज सहित पूरी ₹583 करोड़ की राशि तत्काल चुका दी गई है।

हरियाणा सतर्कता एवं भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो के डीजीपी डॉ. अर्शिंदर सिंह चावला ने बताया कि मुख्य आरोपी रिभव ऋषि और अभय को गिरफ्तार कर लिया गया है। रिभव की पत्नी स्वाति और उनके भाई को भी हिरासत में लिया गया है। रिभव पंचकुला निवासी हैं और सेक्टर-32 शाखा के प्रमुख थे। बैंक ने अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत बताते हुए कहा कि 31 दिसंबर 2025 तक उसे CRISIL से AAA रेटिंग और अन्य एजेंसियों से AA+ रेटिंग प्राप्त है। बैंक का कुल कस्टमर बिजनेस ₹5,62,090 करोड़ है, GNPA 1.69% और नेट NPA 0.53% है।

