भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन के सारथी थे। वे रथ चलाते थे, जबकि पूरा युद्ध अर्जुन लड़ते थे। युद्ध समाप्त होने के बाद अर्जुन स्वयं उतरकर श्रीकृष्ण के चरण स्पर्श करते थे। इसी प्रसंग का उल्लेख करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि हमें कभी भी स्वयं को केवल “ड्राइवर” नहीं कहना चाहिए, बल्कि गर्व से अपने आप को “सारथी” कहना चाहिए। उन्होंने कहा कि “सारथी” शब्द सम्मान, जिम्मेदारी और मार्गदर्शन

का प्रतीक है। इसी भाव को समाज में स्थापित करना और सारथियों के आत्मसम्मान को बढ़ाना ‘भारत टैक्सी’ की जिम्मेदारी है।

