पाकुड़ जिले में पीएम श्री स्कूलों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता चेतना नंद सिंह, आईआरएसईई ने की, जो जिले में पीएम श्री स्कूलों के लिए केंद्रीय नोडल अधिकारी एवं भारत सरकार, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के संयुक्त सचिव हैं।बैठक का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार, निदेशक प्राथमिक शिक्षा मनोज रंजन, परियोजना निदेशक आईटीडीए अरूण कुमार एक्का, अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन, जिला शिक्षा अधीक्षक नयन कुमार एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी अनीता पुरती, जिला योजना पदाधिकारी त्रिभुवन कुमार सिंह उपस्थित थे।उपायुक्त ने पीएम श्री विद्यालयों की समीक्षा के क्रम में केंद्रीय नोडल अधिकारी, भारत सरकार के संयुक्त सचिव को जिले में स्कूलों की उपलब्धियों और सुधारात्मक पहलों के बारे में जानकारी दी। निदेशक मनोज कुमार ने बताया कि हाल ही में दो कार्यक्रमों में राष्ट्रपति पुरस्कार का वितरण किया गया, जिसके आयोजन में सभी को बधाई दी जाती है। ऐसे अवसर बार-बार नहीं आते, इसलिए इसे व्यर्थ न जाने दें।उन्होंने आगे कहा कि सभी मार्गदर्शन और निर्देश केंद्रीय नोडल

अधिकारी एवं वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से प्रदान किए जाएंगे, जिन्हें ध्यानपूर्वक पालन करना आवश्यक है। संयुक्त सचिव चेतना नंद सिंह ने समीक्षा बैठक में कहा कि बच्चों की उपस्थिति और सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना सभी के लिए प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो के अनुसार बच्चे नियमित रूप से स्कूल आ रहे हैं। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों और शिक्षकों से आग्रह किया कि वे अपने काम में आत्ममूल्यांकन करें और सोचें कि कोई भी बच्चे का अवसर खोना न पाएं। यदि कोई बच्चा घर पर बीड़ी बनाने, खेल या अन्य काम में समय बिता रहा है और उसके माता-पिता पर्याप्त सहयोग नहीं कर पा रहे हैं, तो स्कूल और शिक्षक उसकी भागीदारी सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभाएँ। संयुक्त सचिव ने कहा कि जो प्रयास वर्तमान में किए जा रहे हैं, वे सराहनीय हैं, लेकिन प्रत्येक बच्चे को स्कूल में बनाए रखना और उसका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है।

