बिहार से राज्यसभा की पांच सीटों पर होने वाले चुनाव में सियासी गणित बेहद दिलचस्प हो गया है। एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों के वोट जरूरी हैं। 243 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए के पास 202 विधायक हैं, ऐसे में चार सीटों पर उसकी जीत लगभग तय मानी जा रही है। वहीं महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं। ऐसे में तेजस्वी यादव की पार्टी RJD को एक सीट जीतने के लिए असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के पांच और

मायावती की बसपा के एक विधायक का समर्थन जरूरी होगा। अगर यह समर्थन नहीं मिला तो RJD का खाता खुलना मुश्किल हो सकता है। एनडीए चौथी सीट जीतने के बाद भी 38 वोट बचा सकता है, जिससे पांचवीं सीट के लिए उसे सिर्फ तीन अतिरिक्त वोट की जरूरत होगी। निर्वाचन आयोग के अनुसार नामांकन 26 फरवरी से शुरू होगा और मतदान 16 मार्च को होगा। मुकाबला मुख्य रूप से पांचवीं सीट को लेकर रोचक रहने की संभावना है।

