सेन्ट्रल ट्रेड यूनियन संगठनों द्वारा दिनांक 12 फरवरी 2026 के आहूत एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल में आज दिनांक 12.2.2026 को बैंक कर्मियों के संगठनों एआईबीईए, एआईबीओए, बीईएफआई ने भी भारत सरकार के जन विरोधी-मजदूर विरोधी नीतियों के विरुद्ध हो रहे इस संघर्ष में अपनी भागीदारी को सुनिश्चित करते हुए हजारीबाग जिला में कार्यरत प्रायः सभी सरकारी क्षेत्र के सभी बैंक कर्मियों के उपरोक्त संगठनों के तत्वाधान में पूर्णत: हड़ताल पर रहे। सभी बैंक की शाखाएं एवं कार्यालय पूर्णत: बंद रहे सदस्यों ने अपने-अपने कार्यालय/शाखाओं के समक्ष धरना व प्रदर्शन किया। हड़ताल में शामिल नहीं रहने वाले संगठन के सदस्यों से समर्थन हेतु आग्रह किया परिणामस्वरुप प्राय यहां के सभी बैंक शाखाएं/ कार्यालय पूर्णत: बंद रहे। विदित हो कि इस हड़ताल को बैंक में कार्यरत अन्य संगठनों द्वारा भी नैतिक समर्थन दिया गया है। आज के इस हड़ताल को झारखंड राज्य बैंक कॉरस्पांडेंट एसोसिएशन ने भी हड़ताल में शामिल होकर हड़ताल सफल करने में अपनी भूमिका का निर्वहन किया। आज के हड़ताल के संबंध में जानकारी देते हुए बैंक ऑफ़ इंडिया ईप्लाइज यूनियन, झारखंड स्टेट के सहायक महासचिव राजेश कुमार ने इस लड़ाई के अस्तित्व को बचाने की लड़ाई बताया ,कारण जब यूनियन और लेबर कानून ही नहीं बचेंगे तो हमारा वजूद ही समाप्त हो जाएगा। आगे जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हड़ताल मूल रूप से भारत सरकार द्वारा पारित एवं अधिसूचित जन विरोधी एवं मजदूर विरोधी 4 लेबर कोर्ड के रूप में पूर्व के श्रम कानून जो 40 श्रमिक कानून को समाप्त करके किया गया है।

जिससे आज मजदूर के हड़ताल करने के अधिकार को कुंद करने, न्यूनतम मजदूरी को नेशनल फ्लोर लेभल मिनिमम वेज को मात्र 178 रुपए प्रतिदिन कर मजदूरों के शोषण की व्यवस्था करना, काम के घंटे को 8 घंटे से आवश्यकतानुसार बढ़ाने का नियोक्ता को अधिकार देना, समानता के नाम पर महिलाओं को रात्रि पाली में काम करवाने की बात करना, फिक्स्ड टर्म अपॉइंटमेंट की घोषणा कर स्थाई नियुक्ति को समाप्त करने की व्यवस्था करना आदि अनेकों मजदूर विरोधी प्रावधानों को लागू किया गया है। जिसे कोई भी जीवंत श्रमिक संगठन बर्दाश्त नहीं कर सकता। इसके साथ ही बैंकों को फिर से निजीकरण करने, बैंकों का फिर एक बार समावेशन करने की बात करना, बैंकों में नई बहाली नहीं करना जिसके कारण बैंक कर्मी तनाव में जीने को अभिशप्त है साथ ही ग्राहक सेवा भी संतोषजनक नहीं हो पा रहा है इन सब पर भी अगर समुचित समाधान एवं नए 4 लेबर कोर्ड को वापस नहीं किया जाता है तो हमारा संघर्ष और भी तीव्रतर होगा एवं अपने वजूद की रक्षा के लिए हम अंतिम दम तक संघर्ष करेंगे। स्थानीय ट्रेड यूनियन ने भारी संख्या में बैंकों एवं बीमा कार्यालय के समक्ष उपस्थित होकर हाड़ताली बैंक एवं बीमा कर्मियों के साथ अपनी एकजूटता का प्रदर्शन किया। हड़ताल को सफल करने वालों में जमिल नसीर, राजेश कुमार, कमलेश कुमार के साथ साथ गौतम केशरी, ओ पी एन सिंह, प्रीति कुमारी, शैलेन्द्र सिंह,जनक राय, प्रियंका , तारामणि, दीपेश,अमन, कौलेश्वर, पवन, मुकेश आदि अनेकों साथियों के साथ अन्य सभी साथी अपनी अपनी शाखाओं के समक्ष पूरे दिन उपस्थित रहकर पूर्ण रूप से सक्रिय रहे साथ ही बैंक ऑफ़ इंडिया बी सी एसोसिएशन के भी अजय बर्नवाल के नेतृत्व में अनेकों सदस्यों ने पूरे दिन अपनी सहभागिता को सुनिश्चित किया।

