GST के अलावा पान मसाला पर नया सेस, 88% तक पहुंचा टैक्स बोझ |

GST के अलावा पान मसाला पर नया सेस, 88% तक पहुंचा टैक्स बोझ |

सरकार ने पान मसाला के विनिर्माण पर बड़ा फैसला लिया है। 1 फरवरी 2026 से पान मसाला पर स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर लगाया गया है। यह उपकर 40 प्रतिशत जीएसटी से अलग होगा और इसकी गणना पान मसाला बनाने वाली कंपनियों की उत्पादन क्षमता के आधार पर की जाएगी। सरकार का कहना है कि जीएसटी को जोड़ने के बाद भी पान मसाला पर कुल टैक्स बोझ 88 प्रतिशत ही रहेगा। बजट दस्तावेजों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के बचे हुए

दो महीनों यानी फरवरी और मार्च में इस सेस से 2,330 करोड़ रुपये जुटने की उम्मीद है, जबकि वित्त वर्ष 2026-27 में सरकार को 14,000 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस सेस से मिलने वाली राशि राज्यों के साथ मिलकर स्वास्थ्य जागरूकता, स्वास्थ्य योजनाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गतिविधियों पर खर्च की जाएगी। GST काउंसिल ने सितंबर 2025 में कंपनसेशन सेस खत्म करने के बाद ऐसे उत्पादों पर अलग से सेस लगाने का फैसला किया था।

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