
स्मिथसोनियन इंस्टीट्यूशन के नेशनल म्यूजियम ऑफ एशियन आर्ट ने तीन दुर्लभ प्राचीन दक्षिण भारतीय कांस्य मूर्तियां भारत लौटाने की घोषणा की है। गहन जांच और विस्तृत प्रोवेनेंस रिसर्च से पता चला कि ये मूर्तियां 1950 के दशक में तमिलनाडु के मंदिरों से चोरी कर अवैध रूप से विदेश भेजी गई थीं। इनमें शामिल हैं शिव नटराज (चोल काल, 990 ई.), सोमस्कंद (चोल काल, 12वीं सदी) और संत सुंदरार विद परवई (विजयनगर काल, 16वीं सदी)। भारत सरकार और स्मिथसोनियन के बीच समझौते के तहत शिव नटराज दीर्घकालिक ऋण पर म्यूजियम में रहेगा, जबकि बाकी दो मूर्तियां भारत भेजी जाएंगी। यह कदम भारत की सांस्कृतिक विरासत को बहाल करने और वैश्विक स्तर पर लूटी गई संपदा की वापसी को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
