केरेडारी प्रखंड क्षेत्र के कंडाबेर गांव के नावाडीह में और पाताल पंचायत के हेनदेगिर सितम टांड़ में इन दिनों कई अवैध चिमनी ईट भट्टा और दर्जनों बंगला ईट भट्टा का संचालन जोरो पर है! ईट भट्टा का कारोबार बड़ा उद्योग का रूप ले लिया है! ईट भट्टों का अवैध कारोबार इतना व्यापक पैमाने पर हो रहा है फिर भी जिला प्रशासन हजारीबाग और प्रखंड प्रशाशन केरेडारी मामले पर बेखबर है। इतना ही नहीं उन ईट भट्टों से निकलने वाली धुआं का प्रकोप भी जबरदस्त देखने को मिल रहा है। आस पास के पेड़ पौधे वन जीव समेत बड़ी आबादी प्रदूषण के चपेट में हैं। फिर भी कोई सुध प्रशासनिक स्तर पर नहीं लिया जा सकता रहा है। ईट भट्टों के संचालन पर उठ रहे हैं सवाल कंडाबेर के नावाडीह गांव में संचालित ईट भट्टों के संचालन पर बड़ा सवाल उठ रहा है। सूत्रों की माने तो ईट भट्टा संचालक बगैर लाइसेंस बगैर एनओसी प्रदूषण के ही ईट भट्टा का कारोबार चला रहे हैं! इतना ही नहीं ईट भट्टों में उपयोग होने वाले कोयला और बालू की भी आपूर्ति जांच का विषय बना हुआ है। इसके साथ ही मिट्टी खनन के लिए जिला खनन विभाग से खनन का आदेश भी जांच का विषय है! बीते दिनों पूर्व एक महिला के द्वारा ईट भट्टा से होनेवाले वाले नुकसान के बारे में उपायुक्त हजारीबाग से लिखित शिकायत की गई थी। जिसका जांच पर भी कोई सार्थक कार्रवाई नहीं हो पाई। ऐसे में ईट भट्टा संचालकों का

मनोबल सर चढ़ कर बोल रहा है! और ईट भट्टा का कारोबार फल फूल रहा है। हाइ कोर्ट के आदेश की उड़ाई जा रही है धज्जियां :: कुछ दिनों पूर्व झारखंड उच्च न्यायालय ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में विस्फोटक फैसला सुनाते हुए कहा है कि झारखंड में ईट भट्टा संचालन के दौरान मिट्टी का खनन बगैर आदेश के अवैध खनन होगा। जस्टिश सुजीत नारायण प्रसाद अरुण कुमार राय के खंडपीठ ने लाइसेंस अनिवार्य होने की बात कही है! ईट निर्माण और मिट्टी खनन से पूर्व पर्यावरणीय स्वीकृति और झारखंड लघु खनिज समानुदान नियमावली 2004 के तहत लाइसेंस लेना अनिवार्य है। क्या है उच्च न्यायालय का आदेश अदालत ने आदेश जारी कर कहा है कि ईट की मिट्टी लघु खनिज है इस पर झारखंड माइनर मिनरल कंसेशन 2004 पूरी तरह लागू होगा। ईट भट्टा चलाने के लिए झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सहमति (सीटीओ) और पर्यावरणीय स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा। बिना इसके एक इंच भी मिट्टी नहीं खुदेगा। भट्टा संचालकों कोअपने कमाई का निर्धारित हिस्सा डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट में जमा करना होगा। साथ हीं संरक्षित वन क्षेत्र में मिटी के अवैध खनन पत्थर खदानों के लिए क्रशरों का संचालन तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया है। क्या कहते हैं केरेडारी सीओ उपरोक्त प्रकरण पर केरेडारी अंचल अधिकारी राम रतन कुमार वर्णवाल ने कहा कि चिमनी ईट भट्टा संचालन की सूचना जिला खनन विभाग को दी गई है साथ हीं ईट भट्टा संचालक के ऊपर फाइन भी लगाया गया है!

