बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले चुनाव से पहले राजनीतिक अस्थिरता बढ़ती जा रही है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अंतरिम सरकार पर आरोप लगाया है कि उनके समर्थकों के मताधिकारों को रोककर उन्हें चुनाव से बाहर किया गया है। हसीना ने चेतावनी दी कि बिना समावेशी और निष्पक्ष चुनाव के देश लंबे समय तक अस्थिर रहेगा। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने अवामी लीग को

चुनाव में भाग लेने से रोका है। सरकार का कहना है कि सुरक्षा बल शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करेंगे और 500 से अधिक अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक भी निगरानी करेंगे। राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण है। शेख हसीना के हटने के बाद मानवाधिकार समूहों ने चिंता जताई है। इस बीच, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी मुख्य दावेदार बनकर उभरी है। देश की जनता और दुनिया की नजरें अब इन चुनावों पर टिकी हुई हैं।

