
भारत और यूरोपीय संघ के बीच संबंधों में एक ऐतिहासिक दिन! 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय संघ के राष्ट्रपति चार्ल्स मिशेल और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ महत्वपूर्ण चर्चा की। इस बैठक में व्यापार और आर्थिक सहयोग, स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, डिजिटल और उभरती तकनीकें, कनेक्टिविटी, आपूर्ति श्रृंखला, सुरक्षा और वैश्विक मामलों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। महत्वपूर्ण परिणामों में शामिल हैं: भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए वार्ता, “2030 की ओर: संयुक्त व्यापक रणनीतिक एजेंडा” को अपनाना, गतिशीलता पर सहयोग का व्यापक ढांचा, सुरक्षा और रक्षा साझेदारी को अंतिम रूप देना। इन कदमों से व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार सृजित होंगे और छात्रों, शोधकर्ताओं और श्रमिकों के लिए आवागमन आसान होगा। पीएम मोदी ने बताया कि यह साझेदारी हमारे लोगों की शांति, समृद्धि और वैश्विक हितों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

