रांची पुलिस ने एक संगठित अंतरराज्यीय बच्चा चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस कार्रवाई में विभिन्न जिलों से 12 अपहृत बच्चों को सकुशल बरामद किया गया है, जबकि गिरोह से जुड़े 13 सदस्यों (महिलाओं सहित) को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार यह गिरोह पिछले कई वर्षों से सक्रिय था और बच्चों को भीख मंगवाने, पॉकेटमारी और मानव तस्करी जैसे घिनौने अपराधों में इस्तेमाल करता था। बरामद बच्चों को अलग-अलग जगहों पर छिपाकर रखा जाता था। इस पूरे मामले का खुलासा धुर्वा थाना क्षेत्र से लापता भाई-बहन अंश (5 वर्ष) और अंशिका (4 वर्ष) के अपहरण से हुआ। दोनों बच्चों को रामगढ़ जिले से सुरक्षित बरामद किए जाने के बाद विशेष जांच टीम (SIT) ने जब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की, तो पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो गया। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह ने बच्चों को बेचने की डील तक

फाइनल कर ली थी, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से साजिश नाकाम हो गई। एसएसपी राकेश रंजन के नेतृत्व में गठित SIT ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, डीजीपी तदाशा मिश्रा और सीआईडी एडीजी मनोज कौशिक के निर्देश पर विशेष अभियान चलाया। जांच में गिरोह के तार झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तर प्रदेश तक फैले पाए गए हैं। पुलिस की छापेमारी के दौरान कई इलाकों से बच्चों को मुक्त कराया गया है। बरामद बच्चों की काउंसलिंग और परिजनों से मिलान की प्रक्रिया जारी है। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।

