कोलकाता के बेहाला स्थित ट्रेज़री कार्यालय में आज एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। अपनी समस्या लेकर सरकारी दफ़्तर पहुँचे एक नागरिक के साथ कथित तौर पर एक अधिकारी ने अपमानजनक और अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। पीड़ित नागरिक अमित चक्रवर्ती का आरोप है कि कार्यालय में मौजूद अधिकारी ने उनसे कहा— “आप लोग देश मत चलाइए, राज्य को छोड़ दीजिए।” इतना ही नहीं, अधिकारी ने यह भी टिप्पणी की— “आप लोग मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पैसों से पेट चलाकर ज़िंदा हैं।” पीड़ित का कहना है कि यह बयान न केवल व्यक्तिगत अपमान है, बल्कि एक जिम्मेदार सरकारी अधिकारी की गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों के भी खिलाफ है। उनका आरोप है कि वे अपनी वैध समस्या लेकर कार्यालय पहुँचे थे, लेकिन समाधान के बजाय उन्हें इस तरह की भाषा सुननी पड़ी। इस घटना के बाद प्रशासनिक

कार्यशैली और अधिकारियों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नागरिकों का कहना है कि सरकारी दफ़्तरों में आम जनता के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं हो सकता।पीड़ित अमित चक्रवर्ती ने मामले की निष्पक्ष जाँच और संबंधित अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी भी नागरिक को इस तरह के अपमान का सामना न करना पड़े।फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन घटना ने सरकारी कार्यालयों में व्यवहार और संवेदनशीलता को लेकर बहस जरूर छेड़ दी है।

