पाकुड़ जिला अंतर्गत मौजा निश्चिनापुर में डीबीएल पचुवाड़ा कोल माइंस परियोजना द्वारा ग्रामीणों की रैयती भूमि पर बिना वैधानिक अधिग्रहण,बिना मुआवज़ा और बिना पूर्व सूचना के जबरन कब्ज़ा कर रेलवे लाइन बिछाने एवं कोयला परिवहन शुरू किए जाने के विरोध में रैयतों ने आजसू के कार्यकारी जिलाध्यक्ष बाबू पॉल के नेतृत्व में कोयला रेक को रोक दिया।आजसू ने इस पूरे घटनाक्रम को ग्रामीणों की मजबूरी से उपजा जनाक्रोश बताया है। पार्टी ने कहा कि संबंधित रैयत द्वारा कई बार जिला प्रशासन,अंचल कार्यालय एवं कंपनी प्रबंधन को लिखित रूप से अवगत कराया गया, बावजूद इसके आज तक न तो उचित मुआवज़ा दिया गया, न ही भूमि अधिग्रहण की कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। पार्टी का कहना है कि कंपनी प्रबंधन द्वारा आश्वासन दिए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई समाधान नहीं हुआ। उल्टा पीड़ित परिवार को डराने धमकाने और जबरन

भूमि कब्ज़ा करने की कोशिशें जारी रहीं, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।कार्यकारी जिलाध्यक्ष आलोक जॉय पॉल ने कहा कि जब तक रैयतों को उनका वैधानिक हक, मुआवज़ा, रोजगार और न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आजसू पार्टी ग्रामीणों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी।आजसू पार्टी ने जिला प्रशासन से अविलंब अवैध कब्ज़ा हटाए जाने व भूमि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया कानून के तहत करने,प्रभावित परिवारों को उचित मुआवज़ा व पुनर्वास दिए जाने,ग्रामीणों पर किसी भी प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई न किए जाने की मांग की है।पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन और कंपनी प्रबंधन ने जल्द समाधान नहीं निकाला, तो आंदोलन को और तेज़ और व्यापक किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और कंपनी की होगी।मौके पर कार्तिक हाज़रा, सनी तिवारी सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।

