
व्यवहार न्यायालय स्थित बार एसोसिएशन के सभागार में विशेष समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में नव-पदस्थापित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिवाकर पांडे उपस्थित हुए। बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अधिवक्ता और बेंच न्यायाधीश के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था।बैठक में बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान बार और बेंच के बीच विभिन्न न्यायिक और प्रशासनिक मुद्दों पर औपचारिक चर्चा की गई ताकि वादकारियों को सुलभ और त्वरित न्याय मिल सके।प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिवाकर पांडे ने पाकुड़ बार संगठन की कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने स्वामी विवेकानंद जयंती सह ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के अवसर पर युवा अधिवक्ताओं को विशेष संदेश दिया। श्री पांडे ने युवाओं को कानूनी जानकारी बढ़ाने और नियमित अध्ययन करने का सुझाव देते हुए कहा कि निरंतर अध्ययन ही एक सफल अधिवक्ता की पहचान है।बैठक में प्रधान न्यायाधीश (कुटुंब न्यायालय) रजनीकांत पाठक, जिला जज कुमार क्रांति प्रसाद, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजीत चंद्रा, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विशाल मांझी, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी सतीश उज्जवल बेग और न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी विशाल दास मुख्य रूप से उपस्थित थे।बार एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष मोहिउद्दीन, सचिव दीपक ओझा सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
