आनंद मेला में दिखा संपूर्ण भारत की झलक

आनंद मेला में दिखा संपूर्ण भारत की झलक

आनंद मेला में दिखा संपूर्ण भारत की झलक। क्या बिहार? क्या झारखंड? क्या MP? क्या उड़ीसा? चाहे हिमाचल प्रदेश हो या आसाम, गुजरात हो या पंजाब पूरा का पूरा भारत, मानों नेहरू कॉम्प्लेक्स में उतर आया हो। दीक्षा महिला मंडल, बीसीसीएल द्वारा आयोजित दो-दिवसीय वार्षिक आयोजन ‘आनंद मेला – 2026’ का आज सफल समापन हुआ। आयोजन का दूसरा दिन सामाजिक उत्तरदायित्व, रचनात्मकता और सामुदायिक सहभागिता से परिपूर्ण रहा, जिसमें शहर भर के नागरिकों तथा बीसीसीएल परिवार के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। एक महत्वपूर्ण सामाजिक गतिविधि के अंतर्गत दो-दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन की शुरुआत आज धनबाद और आसपास के क्षेत्रों के 10 दिव्यांगजनों के बीच ट्राईसाइकिलों के वितरण के साथ की गई। बीसीसीएल सीएसआर परियोजना के अंतर्गत लाभार्थियों के बीच दीक्षा महिला मंडल तथा बीसीसीएल शीर्ष प्रबंधन द्वारा बैटरी ऑपरेटेड ट्राईसाईंकिलों का वितरण किया गया। इसके अतिरिक्त दीक्षा महिला मंडल तथा बीसीसीएल प्रबंधन द्वारा आर्थिक रूप से पिछड़े परिवार से जुड़ी एक दस वर्षीय बालिका को वित्तीय सहायता तथा पढ़ाई-लिखाई के खर्च वहन करने का भी निर्णय लिया गया, जिसे एक दुर्घटना में अपना एक हाथ गंवाना पड़ा, जिसके पश्चात उसके पढ़ाई छूट गयी। मंडल द्वारा उसे सभी प्रकार की सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया। अवसर पर सीएमडी, श्री मनोज कुमार अग्रवाल, निदेशकगण श्री मुरली कृष्ण रमैया, श्री संजय कुमार सिंह, सीवीओ, श्री अमन राज, ओएसडी/वित्त, श्री राजेश कुमार सहित दीक्षा महिला मंडल अध्यक्ष, श्रीमती अर्चना अग्रवाल, उपाध्यक्ष, श्रीमती पूर्बिता रमैया, श्रीमती रंजना सिंह, श्रीमती डॉ. नेहा दास, श्रीमती नीता कुमार सहित दीक्षा महिला मंडल की सभी सम्मानित सदस्याएं उपस्थित रही। अपने संबोधन में श्रीमती अर्चना अग्रवाल ने कहा कि दीक्षा महिला मंडल सदैव समाज के सभी वर्गों के समग्र विकास के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि ‘आनंद मेला’ हमारे सामूहिक प्रयासों, सामाजिक उत्तरदायित्व और महिला सशक्तिकरण की भावना का प्रतीक है और इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से न केवल रचनात्मकता और उद्यमशीलता को प्रोत्साहन मिलता है, बल्कि समाज में सेवा और संवेदनशीलता के मूल्य एवं आदर्श भी सुदृढ़ होते हैं।

सीएमडी, श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि दीक्षा महिला मंडल समाज के हर वर्ग के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और समर्पण के प्रति निरंतर प्रयासरत है। दो-दिनी इस आयोजन में मंडल द्वारा न सिर्फ खूबसूरत और आकर्षक मेले का आयोजन किया गया, बल्कि रचनात्मकता, उद्यमशीलता और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी महत्वपूर्ण गतिविधियाँ संचालित की गई, जिसके लिए संगठन के सभी सदस्य बधाई के पात्र है। आज कार्यक्रम के दौरान क्विज, हाउज़ी सहित कई गतिविधियों का पूरे दिन संचालन हुआ, जिसमें बीसीसीएल परिवार के सभी सदस्यों के साथ आमजनों ने भी अपनी सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम में गीत-संगीत इत्यादि की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गयी, जिसमें स्कूली छात्रों, बीसीसीएल परिवार के बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। इस वर्ष का आनंद मेला कई मायनों में ख़ास रहा। लालमणि वृद्धाश्रम की सम्मानित वयोवृद्ध सदस्याओं द्वारा कार्यक्रम के उद्घाटन के साथ स्कूली छात्रों, बीसीसीएल अधिकारियों एवं कर्मियों तथा विभिन्न संस्थानों के बच्चों द्वारा विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, देश-भर के लजीज व्यंजनों के स्वाद के साथ कई ऐसे आकर्षण रहे, जिसे मेले में आये लोगों ने खासा पसंद किया। एक भारत श्रेष्ठ भारत के थीम के तहत बीसीसीएल के सभी क्षेत्रों द्वारा देश के विभिन्न राज्यों की विशिष्टताओं की प्रदर्शनी के साथ इस बार कुछ विशेष स्टॉल्स भी प्रदर्शित किये गए। जेएमपी, महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प के उत्पाद, विज्ञानं एवं प्रौद्योगिकी पर आधारित science-o-mania’ के स्टॉल की दर्शकों ने खूब सराहना की। इसके साथ-साथ विशेष अभियान 5.0 के तहत स्क्रैप टू आर्ट के तहत कुसुंडा क्षेत्र द्वारा बेकार पड़े लोहे के ड्रम से तैयार सोफा सेट इस मेले का विशेष आकर्षण रहे। इन पुनर्चक्रित सामग्री से बने सोफा सेट को देखकर यह अंदाज लगा पाना मुश्किल था कि इसे पुराने और बेकार ड्रम से तैयार किया गया है। दर्शकों ने इस नवाचार की ढ़ेरों प्रशंसा की।

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