
धनबाद में 7 जनवरी 2026 को खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) ने अपने 125वें स्थापना दिवस का जश्न मनाया। यह अवसर खदानों में सुरक्षा, स्वास्थ्य और श्रमिक कल्याण में DGMS के एक सदी से अधिक के योगदान और देश में सुरक्षित, टिकाऊ और तकनीकी रूप से उन्नत खनन उद्योग के निर्माण में इसके महत्वपूर्ण रोल को याद करने का था। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री श्रीमती शोभा करंदलाजे उपस्थित रहीं। साथ ही DGMS, सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, संसद सदस्य, विधायक, IIT-ISM और CIMFR के निदेशक, खनन बिरादरी की प्रतिष्ठित हस्तियां और अन्य सरकारी एवं शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल हुए। DGMS ने इस अवसर पर नया लोगो, थीम सॉन्ग, कंपेंडियम और कॉफी टेबल बुक लॉन्च किए। इसके अलावा, 2024 में कोलंबिया में आयोजित XIII इंटरनेशनल माइन रेस्क्यू कॉम्पिटिशन में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके DGMS के प्रशिक्षित कर्मियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में DGMS की यात्रा, खनन सुरक्षा में बदलाव और तकनीकी उन्नति, और OSHWC संहिता 2020 के लागू होने की तैयारी को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। DGMS अब जोखिम-आधारित, तकनीकी-सक्षम और श्रमिक-केंद्रित सुरक्षा शासन को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। इस समारोह ने यह संदेश भी दिया कि DGMS न केवल खन सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करता है, बल्कि भविष्य में एक सुरक्षित, उत्पादक और उन्नत खनन उद्योग की दिशा में निरंतर योगदान देता रहेगा।

