सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को आवारा कुत्तों से जुड़े मामले पर सुनवाई हुई। अदालत ने सवाल उठाया कि आवारा कुत्तों के कारण आम लोगों को कब तक परेशानी झेलनी पड़ेगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसका आदेश सड़कों पर नहीं, बल्कि स्कूलों, अस्पतालों और अदालत परिसरों जैसे संस्थागत क्षेत्रों तक सीमित है। पीठ ने कहा कि इन परिसरों में आवारा कुत्तों की मौजूदगी की कोई जरूरत नहीं है और उन्हें हटाने पर आपत्ति का आधार क्या

है। इस मामले पर करीब ढाई घंटे तक सुनवाई चली। मामले में आगे की बहस अगली सुनवाई में होगी।

