महेशपुर प्रखंड के सिमपुर गांव निवासी दीपक कुमार सिंह ने यह सिद्ध कर दिया है कि मेहनत, लगन और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग किसी भी व्यक्ति को सफलता की ऊँचाइयों तक पहुँचा सकता है। मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना से जुड़कर दीपक ने न केवल दुग्ध उत्पादन को एक सशक्त स्वरोजगार के रूप में विकसित किया, बल्कि क्षेत्र के अन्य पशुपालकों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का माध्यम भी बने हैं। दीपक को बचपन से ही पशुपालन में विशेष रुचि रही है। पूर्व में उनके पिता वीरेंद्र प्रताप सिंह एवं माता विमला देवी अपने फार्म में देसी नस्ल की गायों का पालन करते थे। इसी पारिवारिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए दीपक ने

आधुनिक दृष्टिकोण अपनाया और अपने फार्म में विदेशी नस्ल की गायों को भी शामिल करने का निर्णय लिया।मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के अंतर्गत गव्य विकास योजना से जुड़कर दीपक ने 10 गायों का लाभ प्राप्त किया। वर्तमान में उनके फार्म में देसी एवं विदेशी नस्लों की विविध गायें उपलब्ध हैं, जिनमें गिर, साहिवाल, थारपारकर, गिरोलैंडो, जर्सी, फ्रीजियन सहित अन्य उन्नत नस्लें शामिल हैं।दीपक ने बताया कि वर्तमान में उनके फार्म से प्रतिदिन 100 लीटर से अधिक दूध का उत्पादन हो रहा है। गायों की नस्ल सुधार एवं उत्पादकता बढ़ाने के लिए वे हरियाणा से उन्नत बीर्य मंगवाकर कृत्रिम गर्भाधान भी करवा रहे हैं। बढ़ते दुग्ध उत्पादन को देखते हुए उन्होंने भविष्य में डेयरी फार्म एवं पैकेट दूध बिक्री की योजना भी तैयार की है।

