श्रद्धा ने दिखाई कला के प्रति श्रद्धा।

श्रद्धा ने दिखाई कला के प्रति श्रद्धा।

आज दिनांक 4 जनवरी 2026 (रविवार) संध्या 6:00 बजे से 9:00 बजे तक स्व° पंडित महापुरुष मिश्रा जी, स्व° तापती मिश्रा जी, स्व° अरूप दत्ता जी, एवं स्व° अम्लान पर्वत जी कि याद में भारतीय संगीत शिक्षायतन द्वारा रेलवे क्लब, धनबाद में एक हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत संध्या “श्रद्धा” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर “भारतीय संगीत शिक्षायतन” के संस्थापक सदस्य श्री बी.के.श्रीवास्तव तथा अन्य विशिष्ठ व्यक्तियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। तत्पश्चात भारतीय संगीत शिक्षायतन ,धनबाद के छात्रों द्वारा समूह तबला वादन प्रस्तुत किया गया। श्री करुणामॉय मुखर्जी, श्री अचिन्तो बैनर्जी, श्री विश्वनाथ साधुखान, श्री गौतम पाल, आदित्य सिंह, कुमार पल्लव, एवं सूर्य कांत मेहरा ने भाग लिया। कोलकाता से पधारे शास्त्रीय संगीत के सुप्रतिष्ठित गायक श्रीमान ब्रजेश्वर मुखर्जी द्वारा हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत शैली में मधुर राग पुरिया कल्याण में ख्याल, माझ खंबाज में ठुमरी तथा प्रसिद्ध भजन “बाजे मुरलिया” गाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

उनके साथ हार्मोनियम पर श्री रविशंकर चक्रवर्ती, तानपुरा पर श्रीमान सूरज दत्ता तथा श्रीमान आविर्भाव बसु, एवं तबले पर श्री कौशिक दास जी का उल्लेखनीय योगदान रहा। तत्पश्चात कोलकाता से पधारे सितार वादक श्री सौम्य अड्डया ने राग कलाश्री में गत तीनताल एवं द्रुत, तथा धुन बजाकर उपस्थित दर्शकों का मन जीत लिया। उनके साथ तबले पर श्री भास्कर रंजन डे ने संगत कर दर्शकों को झूमा दिया। इस अवसर पर उद्घोषणा तथा मंच संचालन सुश्री सुवर्णा बैनर्जी द्वारा किया गया तथा धन्यबाद ज्ञापन किया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री कौशिक दास, श्री अचिन्तो बैनर्जी, श्री करुणामोय मुखर्जी, श्री विश्वनाथ साधुखान, श्री गौतम दत्ता, श्री भास्कर रंजन डे तथा श्री अरिन्दम बासु जी का सराहनीय प्रयास किया। प्रस्तुत है पंकज सिन्हा की रिपोर्ट धनबाद से।

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