
मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी की सप्लाई के मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। उन्होंने एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर और पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग अधिकारी को सस्पेंड किया, जबकि नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी किया। अपर आयुक्त को तत्काल हटाने और प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के निर्देश भी दिए गए। सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के अन्य स्थानों के लिए भी सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं और सभी 16 नगर निगमों की अधिकारियों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक बुलाई गई है। दूषित पानी के कारण अब तक 15 लोगों की मौत हुई है। प्रशासन ने फिलहाल केवल चार मौतों की पुष्टि की है। मामला कोर्ट तक पहुंचा है और तीन जनहित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने प्रशासनिक अधिकारियों को फटकार लगाई है। अगली सुनवाई 6 जनवरी को होगी।

