अंग्रेजी नववर्ष के परिप्रेक्ष्य में साल के आखिरी दिन उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में पौष माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि पर बुधवार तड़के 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए। इसके बाद विशेष श्रृंगार के साथ भगवान महाकाल की भस्म आरती संपन्न हुई। मंदिर के पट खुलते ही पुजारियों ने गर्भगृह में विराजमान सभी देवी-देवताओं का विधिवत पूजन किया। भगवान महाकाल का पहले जलाभिषेक किया गया, इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक पूजन किया गया। बाबा महाकाल के मस्तक पर चंद्र अर्पित कर उनका दिव्य श्रृंगार किया गया।

अल सुबह हुई भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के दर्शन कर उनके कान के पास अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर बाबा महाकाल के जयकारों से गूंज उठा और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

