धनबाद, 30 दिसंबर 2025 भारतीय जनता पार्टी धनबाद महानगर के अंतर्गत धनबाद विधानसभा स्तरीय आज दिनांक 30.12.2025 को जगजीवन नगर मैदान में धनबाद विधानसभा स्तरीय अटल स्मृति दिवस सह सुशासन दिवस सम्मेलन का आयोजन अत्यंत भव्य एवं ऐतिहासिक रूप से किया गया। इस गरिमामयी सम्मेलन की मुख्य अतिथि भारत सरकार की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी रहीं। इस अवसर पर,युग पुरुष भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई जी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई सामूहिक रूप से राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् गाया गया। भारत सरकार की महिला एवं विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने संबोधित करते हुए कहा कि, आज हम सब युगद्रष्टा भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई जी को याद करने और उनके जीवन से प्रेरणा लेने के लिए यहां उपस्थित हुए हैं ।भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष और हम सभी के मार्गदर्शक अटल जी का व्यक्तित्व एक ऐसी त्रिवेणी था जिसमें राजनीति की सुचिता साहित्य की कोमलता और राष्ट्रवाद की प्रखरता का अद्भुत संगम दिखाई देता है ।उनका ओजस्वी जीवन भारतीय लोकतंत्र के मूल्यों और आदर्शों की एक जीवन गाथा है। झारखंड की मिट्टी का कण कण अटल जी का ऋणी है। वर्ष 2000 में जब तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने झारखंड राज्य का गठन किया तब उन्होंने कहा था यह राज्य की संघर्षील जनता को सम्मान देने का संकल्प है ।25 वर्षों की इस यात्रा पर पीछे मुड़कर देखे तो यह साफ दिखाई देता है कि भाजपा ने झारखंड को पहचान से प्रगति और संघर्ष से सफलता तक की यात्रा का मार्ग दिखाया ।यह अटल जी की ही दृष्टि थी जिसे समझा कि जनभावनाओं को मुख्य धारा से जोड़कर ही राष्ट्र का विकास संभव है ।इसलिए उन्होंने जनजातीय समाज के कल्याण के लिए अलग से जनजातीय कार्य मंत्रालय की स्थापना भी की ताकि नीति निर्माण के केंद्र में सभी के हक सुरक्षित रहें ।

आज देश के यशस्वी प्रधानमंत्री इस अटल विरासत को पूरी मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं ।उनके मार्गदर्शन में भारत आर्थिक सुधार सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय गौरव की नई यात्रा पर है। श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने आगे कहा कि मोदी सरकार ने अटल जी के सुशासन गुड गवर्नेंस के विजन को समर्पित कई महत्वपूर्ण नीतियां और योजनाएं संचालित की है। सरकार ने अटल जी की जयंती पर 25 दिसंबर को सुशासन दिवस के रुप में घोषित किया जो पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रतीक है ।उनको समर्पित प्रमुख योजनाओं में अटल पेंशन योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को बुढ़ापेट में वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है जबकि अटल भूजल योजना का लक्ष्य सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से गिरते जल स्तर को सुधारना है। इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए अटल इनोवेशन मिशन और स्कूलों में अटल टिकरींग लैब्स की स्थापना की गई है। ताकि युवा पीढ़ी में वैज्ञानिक सोच विकसित हो सके। इसके अतिरिक्त AMRUT योजना ( अटल मिशन फॉर रिजूवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन )के जरिए शहरों के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाया जा रहा है. इसी 25 दिसंबर को लखनऊ में “राष्ट्र प्रेरणा स्थल” का उद्घाटन उनकी स्मृतियों और आदर्शों को जीवंत रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है. पोखरण का परमाणु परीक्षण हो या देश भर को जोड़ने वाली स्वर्णिम चतुर्भुज योजना अटल जी के निर्णय ने भारत की सुरक्षा आत्म सम्मान और इन्फ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई दी ।उन्होंने भारत को यह आत्मविश्वास दिया कि यह देश अब अपनी शर्तों पर दुनिया से बात करेगा। शांति के लिए भी और सुरक्षा के लिए भी ।अटल जी ने जो नींव रखी थी आज मोदी जी उस पर विकसित भारत की भव्य इमारत खड़ी कर रहे हैं ।अटल जी राष्ट्रीय एकता और मानवता की जीवंत मिसाल थे ।उनके लिए विकास का अर्थ था ऐसा राष्ट्र का निर्माण जिसमें अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी स्वयं को सहभागी महसूस करें। युगपुरुष भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के विचारों, राष्ट्रसेवा, सुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों को विस्तार से रखा तथा कहा कि अटल जी का जीवन आज भी प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए प्रेरणास्रो है। कार्यकर्ताओं ने “अटल बिहारी वाजपेयी अमर रहें” और “भारत माता की जय” के गगनभेदी नारों के साथ वातावरण को राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया। प्रस्तुत है सहयोगी संदीप दत्ता के साथ पंकज सिन्हा की रिपोर्ट धनबाद से।

