
त्रिपुरा के एमबीए छात्र अंजेल चकमा को देहरादून में नस्लीय हमले में जानलेवा चोटें पहुंचाई गईं। पीड़ित के अंतिम शब्द थे, “मैं भारतीय हूँ।” आरोपियों ने अंजेल और उनके भाई को ‘चिंकी, चाइनीज, मोमो’ जैसी नस्लीय उपनामों से बुलाया और अंजेल पर चाकू से हमला किया। इस हमले में अंजेल की मौत हो गई। अब उनका छोटा भाई न्याय की लड़ाई लड़ रहा है और दोषियों को सजा दिलाने की मांग कर रहा है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए पूरे देश का समर्थन आवश्यक है।

