दिनांक 21 दिसंबर 2025 को धनबाद जिला कांग्रेस कमिटी के तत्वावधान में रणधीर वर्मा चौक, धनबाद पर मनरेगा को कमजोर करने और महात्मा गांधी का नाम हटाने की साजिश के खिलाफ एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने किया । धनबाद जिला के तमाम कांग्रेस नेता, पदाधिकारी, वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं सम्मानित नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए धनबाद जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष श्री संतोष कुमार सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को समाप्त अथवा कमजोर करने हेतु लाया गया प्रस्तावित विधेयक अत्यंत चिंताजनक और सुनियोजित कदम है। यह एक ऐतिहासिक, अधिकार-आधारित जनकानून को खत्म करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि मनरेगा किसी सरकार की कृपा नहीं, बल्कि जन-आंदोलन से जन्मा कानून है, जिसने ग्रामीण भारत के करोड़ों लोगों को काम मांगने का कानूनी अधिकार, 100 दिनों के रोजगार की गारंटी, महिलाओं और भूमिहीन मजदूरों को सम्मान और सशक्तिकरण प्रदान किया। इस कानून से महात्मा गांधी का नाम हटाना श्रम की गरिमा,

सामाजिक न्याय और गरीबों के प्रति राज्य की जिम्मेदारी पर सीधा हमला है। रोजगार की वैधानिक गारंटी समाप्त कर रही है, केंद्र सरकार अपनी वित्तीय जिम्मेदारी से पीछे हट रही है, और संघीय ढांचे को कमजोर करते हुए राज्यों पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। जिलाध्यक्ष श्री सिंह ने मोदी सरकार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम को मिटाना चाहती मगर गांधी जी के नाम जनता के दिलो से कैसे हटा देगी। आज साबित हो गया भाजपा गोडसे के वंशज है। श्री सिंह ने कहा महात्मा गांधी राष्टिय ग्रामिण रोजगार गारंटी अधिनियम का नाम बदलना देश के लिय शर्मनाक है। झारखंड धरना-प्रदर्शन में मौजूद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में मनरेगा के साथ छेड़छाड़ का विरोध किया और चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने इस जनविरोधी कदम को वापस नहीं लिया, तो कांग्रेस पार्टी सड़क से संसद तक आंदोलन को और तेज करेगी। धरना प्रद्शन कार्यक्रम का संचालन प्रदेश प्रतिनीधी मनोज यादव और संचालन शाहीद कमर ने किया। संबोधित करने वाले में प्रदेश महासचिव श्री मदन महतो, रवी रंजन सिंह, सुरेश चंद्र झा, मुख्तार खान, कुमार गौरव, राजेश्वर सिंह, यादव जैसे कई कांग्रेसी कार्यकर्ता शामिल थे ।

