
उत्तराखंड सरकार ने केदारनाथ धाम के लिए संचालित हेली सेवाओं को और अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के दिशा में कदम बढ़ाया है। इसके तहत केदार घाटी में सहस्रधारा जैसी सुविधा वाले हेलीपोर्ट का विकास किया जाएगा। इस हेलीपोर्ट में वेदर स्टेशन, विंड इंडीकेटर, सर्विलांस कैमरे और अन्य सभी तकनीकी सुविधाएं स्थापित की जाएंगी, जो हेलीपोर्ट संचालन के लिए आवश्यक हैं। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने इसके लिए सरकार से अनुमति भी प्राप्त कर ली है और जल्द ही इसके लिए जमीन चिह्नित की जाएगी। प्रदेश में इस वर्ष पहले चरण की चारधाम यात्रा में हुई हेली दुर्घटनाओं के बाद हेली सेवाओं को सुरक्षित बनाने पर विशेष जोर दिया गया था। इसी कारण सितंबर में शुरू हुई दूसरे चरण की यात्रा में महानिदेशक DGCA ने हेली संचालन के मानकों में बदलाव किए थे।

