कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन श्री बी. साईराम ने अपनी सहायक कंपनी ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) का दौरा किया और सोनेपुर बाजारी, केंदा, कुनुस्तोरिया, बांकला एवं झांझरा क्षेत्रों में खनन कार्यों का निरीक्षण किया। सोनेपुर बाजारी क्षेत्र में चेयरमैन ने खनन परिचालन की समीक्षा की और क्षेत्रीय महाप्रबंधक एवं उनकी टीम के साथ उत्पादन, कोयला गुणवत्ता, जमीनी चुनौतियों और कार्यबल की भागीदारी पर चर्चा की। इस अवसर पर उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया तथा संविदा श्रमिकों से भी संवाद किया। सोनेपुर बाजारी क्षेत्र ईसीएल के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है और चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 6.9 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया जा चुका है। इसी क्षेत्र से कोल गैस इंडिया लिमिटेड (CGIL) की आगामी कोल-टू-सिंथेटिक नेचुरल गैस (SNG) परियोजना के लिए कोयले की पूरी आपूर्ति की जाएगी। इसके बाद श्री साईराम ने केंदा क्षेत्र स्थित न्यू केंदा ओपनकास्ट माइंस, कुनुस्तोरिया क्षेत्र के नारायणकुरी ओसीपी में नॉर्थ

सियरसोल हाईवाल माइनिंग, तथा बांकला क्षेत्र के नाकरकोंडा कुमारडीह-बी ओपनकास्ट माइंस का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उत्पादन, उत्पादकता, गुणवत्तापूर्ण कोयला आपूर्ति, सुरक्षा और उन्नत खनन तकनीकों के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया गया। दौरे के अंतिम चरण में चेयरमैन ने झांझरा अंडरग्राउंड माइन का निरीक्षण किया और वहीं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ईसीएल के सभी क्षेत्रीय महाप्रबंधकों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कॉरपोरेट ज्वाइंट कंसल्टेटिव कमेटी (JCC) के सदस्यों से भी संवाद किया। झांझरा खदान कोल इंडिया की सर्वाधिक उत्पादन करने वाली भूमिगत खदान है। यह अत्याधुनिक यांत्रिक खदान चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 2.17 मिलियन टन कोयले का उत्पादन कर चुकी है। इस दौरान ईसीएल के सीएमडी श्री सतीश झा, कोल इंडिया एवं ईसीएल के वरिष्ठ अधिकारी चेयरमैन के साथ मौजूद रहे।

