कोलकाता का ब्रिगेड मैदान… जहां कभी राजनीतिक रैलियों की भीड़ उमड़ती थी…आज वहां आस्था का सागर दिखाई दिया। कभी पश्चिम बंगाल की राजनीति का केंद्र माने जाने वाला ब्रिगेड मैदान रविवार को एक बार फिर से विशाल जनसमूह से भर गया। लेकिन इस बार यहां किसी राजनीतिक दल की रैली नहीं, बल्कि सामूहिक गीता पाठ का आयोजन हुआ, जिसमें आयोजकों के अनुसार भारी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। ब्रिगेड मैदान ऐतिहासिक रूप से राजनीतिक शक्ति-प्रदर्शन का स्थल रहा है। लंबे समय तक यह मैदान वाम दलों की रैलियों के लिए जाना जाता रहा, जिसके बाद नंदीग्राम आंदोलन के दौर में ममता बनर्जी की रैली ने यहाँ बड़ा जनसमर्थन दिखाया था। समय-समय पर यह मैदान राज्य के राजनीतिक माहौल के संकेतक के रूप में भी देखा जाता रहा है। आयोजन के दौरान

बड़ी संख्या में लोगों ने एक साथ श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ किया। आयोजकों ने दावा किया कि करीब पाँच लाख लोगों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम को कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों का समर्थन भी मिला। इससे एक दिन पहले 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद में भी एक बड़े धार्मिक आयोजन में बड़ी भीड़ जुटने की बात सामने आई थी। लगातार बड़े आयोजनों को लेकर राज्य में सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों पर नई चर्चा शुरू हो गई है। ब्रिगेड मैदान का यह आयोजन राजनीतिक नहीं होने के बावजूद राज्य के सामाजिक माहौल और जनमानस पर इसके प्रभाव को लेकर विभिन्न स्तरों पर प्रतिक्रियाएँ देखी जा रही हैं।

