पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले धार्मिक और राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की चर्चा ने सियासत को हवा दी, वहीं 7 दिसंबर को कोलकाता के परेड ग्राउंड में सामूहिक गीता पाठ में पांच लाख से अधिक सनातनियों की मौजूदगी ने शक्ति प्रदर्शन जैसा माहौल बनाया। गीता प्रचार समिति के इस कार्यक्रम में संतों और श्रद्धालुओं की

भारी भीड़ जुटी, हालांकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आमंत्रण के बावजूद शामिल नहीं हुईं। उधर, TMC के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने 22 दिसंबर को नई पार्टी बनाने और AIMIM के साथ चुनाव लड़ने की घोषणा कर सियासी खलबली मचा दी।

