जिला मुख्यालय स्थित व्यवहार न्यायालय में न्यायालय कर्मचारियों के लिए एक दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उक्त प्रशिक्षण, झारखंड न्यायिक अकादमी के तत्वावधान में आयोजित किया गया।प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की प्रशासनिक दक्षता और न्यायालय कार्य प्रणाली में सटीकता को बढ़ाना था। कर्मचारियों को फौजदारी न्यायालय नियम, दीवानी न्यायालय नियम, दिनचर्या आदेश और स्टाम्प रिपोर्टिंग, शुल्क एवं लागत जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई।प्रशिक्षण कार्यक्रम में तीन मास्टर ट्रेनर क्रमशः पुरण मंडल, संतोष कुमार साहा, और संदीप कुमार गुप्ता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तीनों ट्रेनर विशेष रूप से 4 दिसंबर को झारखंड न्यायिक अकादमी से प्रशिक्षण प्राप्त कर पाकुड़ लौटे थे, जिसके आधार पर उन्होंने स्थानीय कर्मचारियों

को प्रशिक्षित किया। उक्त कार्यक्रम में सेवानिवृत्ति राघवेंद्र ठाकुर ने अपने कार्य के अनुभव को साझा किया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेषनाथ सिंह ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में सटीकता अनिवार्य है। उन्होंने गलतियां कम करने, ऑर्डर शीट को सही तरीके से लिखने और अपने पीठासीन अधिकारी को सही तारीखों और आवश्यक जानकारी के साथ पूरा सहयोग करने की अपील की।इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेषनाथ सिंह के अलावा, विशाल मांझी, जितेंद्र कुमार गुप्ता, बिनोद कुमार दास, दयानंद उपाध्याय, सुरजू हेंब्रम, अर्जुन कुमार मंडल, जितेंद्र कुमार, इंद्रकांत राय, सबील अहमद, कृष्ण कुमार, किशोर कुमार, रणजीत कुमार, राजकुमार घोष, राजकुमार रविदास, संजय कुमार, ब्रजेश मुंडा, अजीत कुमार झा, जितेंद्र कुमार, संतोष मरांडी, कृष्णकांत झा और जूलियस हेंब्रम सहित कई न्यायिक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।

