भारतीय वैज्ञानिकों ने ब्रह्मांड में एक अद्भुत खोज की है। उन्होंने 12 अरब साल पुरानी स्पाइरल गैलेक्सी ‘अलकनंदा’ का पता लगाया, जो उस समय मौजूद थी जब ब्रह्मांड सिर्फ 1.5 अरब साल का था। यह गैलेक्सी मिल्की वे जैसी पूरी बनी-बनाई संरचना वाली है। अलकनंदा में लगभग 1000 करोड़ तारे हैं और इसकी चौड़ाई लगभग 30,000 प्रकाश-वर्ष है। यह खोज जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) से हुई

है और साबित करती है कि शुरुआती ब्रह्मांड भी अपेक्षाकृत तेजी से परिपक्व था। इस खोज ने भारत के दो वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष अनुसंधान में इतिहास रचने का अवसर दिया।

