
सुप्रीम कोर्ट ने तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि तलाक की स्थिति में मुस्लिम महिलाओं को शादी में दिया गया पूरा दहेज — जिसमें मेहर, नकद राशि, सोना और अन्य सभी वस्तुएं शामिल हैं — वापस पाने का कानूनी अधिकार होगा। फैसले के मुताबिक, ये सभी वस्तुएं महिला की निजी संपत्ति मानी जाएंगी और विवाह के टूटने पर इन्हें महिला को लौटाना अनिवार्य है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह निर्णय तलाकशुदा महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा और सम्मान को सशक्त बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

