
कंज्यूमर अफेयर्स विभाग ने पान मसाला उद्योग के लिए बड़ा फैसला लेते हुए 1 फरवरी 2026 से सभी पैकेटों पर खुदरा बिक्री मूल्य (MRP) और अनिवार्य घोषणाएं छापना अनिवार्य कर दिया है। अब 10 ग्राम से कम वजन वाले छोटे पैक भी किसी तरह की छूट में नहीं होंगे और उन पर भी पूरी जानकारी देना जरूरी होगा। सरकार का कहना है कि नए नियम उपभोक्ताओं के अधिकारों को मजबूत करेंगे, बाजार में पारदर्शिता बढ़ाएंगे और साथ ही पान मसाला उद्योग में जीएसटी आधारित मूल्यांकन को भी आसान बनाएंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं को सही कीमत और सटीक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए यह कदम बेहद आवश्यक था।

