
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने वडोदरा में सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित ‘एकता मार्च’ के दौरान बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए दावा किया कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू अयोध्या में बाबरी मस्जिद का निर्माण सरकारी धन से कराना चाहते थे। सिंह के अनुसार, इस प्रस्ताव का एकमात्र विरोध सरदार वल्लभभाई पटेल ने किया था। राजनाथ सिंह ने कहा कि पटेल सच्चे धर्मनिरपेक्ष नेता थे, जिन्होंने तुष्टीकरण की राजनीति को कभी स्वीकार नहीं किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नेहरू ने पटेल की विरासत को दबाने की कोशिश की, यहां तक कि पटेल के स्मारक के लिए आम जनता द्वारा जमा की गई राशि को कुएं और सड़कें बनाने में खर्च करने का सुझाव दिया था। सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनवाकर पटेल को वह सम्मान दिया, जो वर्षों तक उनसे छीना गया। उन्होंने दावा किया कि यदि कश्मीर पर पटेल की सलाह मानी गई होती, तो आज कश्मीर समस्या पैदा ही नहीं होती।

